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नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग

नेपाल एवं हिमालयी क्षेत्र • प्रामाणिक पंचांग • मंगलवार, 22 सितंबर 2026

लाइव खगोलीय गणना (आज)

मंगलवार, 22 सितंबर 2026

स्थान: नई दिल्लीLahiri: 24.2261°
तिथि

द्वादशी

शुक्ल पक्ष

नक्षत्र

श्रवण

पाद 4

योग

सुकर्मा

6/27

करण

बव

अर्ध तिथि

चंद्र राशि

मकर

290.16° निरयण

सूर्य राशि

कन्या

155.67° निरयण

वैदिक मास: भाद्रपद (शुक्ल पक्ष) • विक्रम संवत 2083
दैनिक संपूर्ण पंचांग देखें

नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग की मुख्य विशेषताएँ एवं गणितीय नियम

आधिकारिक बिक्रम संवत मास: बैशाख से चैत्र तक

बडा दशैं (विजयादशमी) टीका एवं जमरा लगाने का सर्वश्रेष्ठ साइत

तिहार के पाँच दिन (यमपञ्चक): काग, कुकुर, गाई, गोवर्धन एवं भाई टीका

पशुपतिनाथ महाशिवरात्रि, हरितालिका तीज और छठ महापर्व

प्रामाणिक विश्लेषण एवं विस्तृत मार्गदर्शिका

नेपाली पात्रो (नेपाली पात्रो) नेपाल राष्ट्र और संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र का आधिकारिक एवं धार्मिक पंचांग है। बिक्रम संवत के अनुसार चलने वाला यह पात्रो श्री पशुपतिनाथ के मंदिर विधान और राष्ट्रीय जीवन को संचालित करता है। नेपाल का सबसे बड़ा महापर्व बडा दशैं है, जिसमें विजयादशमी के दिन बड़े-बुजुर्गों से लाल टीका और जौ का जमरा ग्रहण करने का शुभ 'साइत' पात्रो से निकाला जाता है। इसके पश्चात पाँच दिवसीय तिहार (यमपञ्चक) में काग, श्वान, गौमाता और भाई-बहन के प्रेम का भाई टीका पर्व मनाया जाता है।

१. नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग का ऐतिहासिक उद्भव एवं शास्त्रीय प्रामाणिकता

नेपाली पात्रो (नेपाली पात्रो) नेपाल राष्ट्र और संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र का आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग है, जो बिक्रम संवत (B.S.) के सार्वभौम विधान से संचालित होता है। ईसा पूर्व ५७ में स्थापित यह संवत ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग ५६.७ वर्ष आगे चलता है। यह पात्रो राष्ट्रीय प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ काठमांडू के पावन ज्योतिर्लिंग श्री पशुपतिनाथ की नित्य सेवा-पूजा का नियमन करता है। सनातन धर्म में समय की गणना केवल दिन और रात गिनने का साधन नहीं, अपितु जीवात्मा को परमात्मा की विराट सृष्टि के साथ एकाकार करने का आध्यात्मिक सेतु है। आचार्य वराहमिहिर ने बृहत्संहिता में लिखा है कि जिस प्रकार दीपक के बिना रात्रि और सूर्य के बिना आकाश अंधकारमय होता है, उसी प्रकार पंचांग के ज्ञान के बिना मनुष्य का जीवन दिशाहीन रहता है। नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग की प्रत्येक गणना प्राचीन ऋषि-परंपरा द्वारा अनुप्रमाणित है। काशी से कांचीपुरम तक के दैवज्ञों द्वारा परिष्कृत यह विज्ञान हमें ब्रह्मांडीय स्पंदनों के अनुकूल आचरण करने की प्रेरणा देता है।

२. नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग का गणितीय स्वरूप एवं खगोलीय नियम

नेपाली पात्रो एक सौर पंचांग है जहाँ प्रत्येक माह का आरंभ सूर्य के संक्रांति प्रवेश से होता है। सूर्य की गति के अनुसार माह २९ से ३२ दिनों के बीच बदलते हैं। इसमें नेपाल पंचांग निर्णायक समिति द्वारा विजयादशमी के पावन टीका साइत (शुभ मुहूर्त का सेकंड-दर-सेकंड समय) का आधिकारिक निर्धारण किया जाता है।

प्रमुख खगोलीय समीकरण एवं सूत्र:

१. तिथि निर्धारण हेतु सूर्य-चंद्रमा का अंतर: $$\Delta\theta = λ_{\text{चंद्र}} - λ_{\text{सूर्य}}$$ $$\text{तिथि क्रमांक} = \frac{\Delta\theta}{१२^\circ} + १$$ यहाँ $λ$ चित्रापक्ष अयनांश से संस्कृत निरयण देशांतर है। २. लाहिरी अयनांश द्वारा निरयण रूपांतरण: सायन देशांतर से प्रति वर्ष लगभग ५०.२९ विकला की दर से घटने वाले अयनांश को घटाकर वास्तविक तारकीय राशियों का मान निकाला जाता है। ३. दिनमान एवं मुहूर्त विभाजन: सूर्योदय से सूर्यास्त के कुल समय को १५ बराबर भागों में बाँटने पर एक वैदिक मुहूर्त प्राप्त होता है। इसी आधार पर नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग सेकंड-दर-सेकंड की सूक्ष्मता सुनिश्चित करता है।

३. नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग से जुड़े व्रत, पर्व एवं साधना विधान

नेपाली पात्रो से नेपाल के सर्वोच्च राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्व संचालित होते हैं: १५ दिवसीय बडा दशैं जहाँ विजयादशमी पर लाल टीका और जौ का जमरा ग्रहण किया जाता है; ५ दिवसीय तिहार (यमपञ्चक) जिसमें काग, कुकुर, गौमाता, गोवर्धन और भाई-बहन के पवित्र प्रेम का भाई टीका मनाया जाता है; जनकपुर का छठ महापर्व; हरितालिका तीज; तथा पशुपतिनाथ की महाशिवरात्रि। वैदिक चिंतन में उपवास का अर्थ केवल अन्न त्यागना नहीं, अपितु 'ईश्वर के समीप वास करना' (उप + वास) है। जब हम नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग द्वारा निर्धारित शुद्ध तिथियों पर एकादशी अथवा प्रदोष व्रत रखते हैं, तो चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का हमारे मन और तंत्रिका तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

४. नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग की विशिष्ट संदर्भ तालिका

नेपाली पात्रो (बिक्रम संवत) के १२ सौर मास एवं पावन हिमालयी उत्सव

क्र.नेपाली मास (महिना)संस्कृत तुल्यग्रेगोरियन समयप्रमुख राष्ट्रीय पर्व एवं मंदिर अनुष्ठान
वैशाख (वैशाख)वैशाखमध्य अप्रैल - मध्य मईनयाँ वर्ष (नेपाली नववर्ष), बिस्केट जात्रा, बुद्ध जयंती
जेठ (जेठ)ज्येष्ठमध्य मई - मध्य जूनउभौली पर्व, पाटन रातो मच्छिन्द्रनाथ रथयात्रा
असार (असार)आषाढ़मध्य जून - मध्य जुलाईअसार १५ (धान रोपाईं दिवस / दहीं-चिउरा खाने दिन), गुरु पूर्णिमा
श्रावण (श्रावण)श्रावणमध्य जुलाई - मध्य अगस्तसाउने संक्रांति, नागपंचमी, गाई जात्रा, जनै पूर्णिमा (रक्षाबंधन)
भाद्र (भाद्र)भाद्रपदमध्य अगस्त - मध्य सितंबरश्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हरितालिका तीज, ऋषि पंचमी, इंद्र जात्रा
आश्विन (आश्विन)आश्विनमध्य सितंबर - मध्य अक्टूबरघटस्थापना, बडा दशैं (फूलपाती, महाअष्टमी, विजयादशमी टीका साइत)
कार्तिक (कार्तिक)कार्तिकमध्य अक्टूबर - मध्य नवंबरतिहार यमपञ्चक (काग, कुकुर, गाई, भाई टीका), छठ महापर्व
मंसिर (मंसिर)मार्गशीर्षमध्य नवंबर - मध्य दिसंबरबाला चतुर्दशी (पशुपतिमा शतबीज छर्ने), विवाह पंचमी (जनकपुरधाम)
पौष (पौष)पौषमध्य दिसंबर - मध्य जनवरीतमु ल्होसार, पौष संक्रांति
१०माघ (माघ)माघमध्य जनवरी - मध्य फरवरीमाघे संक्रांति (घ्यू-चाकु खाने दिन), सरस्वती पूजा, सोनाम ल्होसार
११फाल्गुन (फाल्गुन)फाल्गुनमध्य फरवरी - मध्य मार्चमहाशिवरात्रि (श्री पशुपतिनाथ महामेला), ग्याल्पो ल्होसार, फागु पूर्णिमा
१२चैत (चैत)चैत्रमध्य मार्च - मध्य अप्रैलघोडे जात्रा, चैते दशैं, श्रीराम नवमी
यह संदर्भ तालिका नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग के विशिष्ट गणित और क्षेत्रीय परंपराओं को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करती है।

५. वैदिक पंचांग की वृहद् संदर्भ तालिकाएँ

वैदिक पंचांग की महा-संदर्भ तालिकाएँ:

तालिका १: २७ नक्षत्र, उनके स्वामी एवं अधिष्ठाता देवता

क्र.नक्षत्र नामसंस्कृत नामअधिष्ठाता देवताक्रांतिवृत्त विस्तार
1Ashwiniअश्विनीAshwini Kumaras0.00° से 13.33°
2BharaniभरणीYama13.33° से 26.67°
3Krittikaकृत्तिकाAgni26.67° से 40.00°
4RohiniरोहिणीBrahma / Prajapati40.00° से 53.33°
5MrigashiraमृगशिराSoma (Chandra)53.33° से 66.67°
6Ardraआर्द्राRudra (Shiva)66.67° से 80.00°
7Punarvasuपुनर्वसुAditi80.00° से 93.33°
8Pushyaपुष्यBrihaspati93.33° से 106.66°
9Ashleshaआश्लेषाSarpa (Nagas)106.66° से 120.00°
10MaghaमघाPitris (Ancestors)120.00° से 133.33°
11Purva Phalguniपूर्वा फाल्गुनीBhaga133.33° से 146.66°
12Uttara Phalguniउत्तरा फाल्गुनीAryaman146.66° से 160.00°
13Hastaहस्तSavitr (Surya)160.00° से 173.33°
14Chitraचित्राVishwakarma173.33° से 186.66°
15Swatiस्वातीVayu186.66° से 200.00°
16VishakhaविशाखाIndragni200.00° से 213.33°
17AnuradhaअनुराधाMitra213.33° से 226.66°
18Jyeshthaज्येष्ठाIndra226.66° से 239.99°
19MulaमूलNirriti239.99° से 253.33°
20Purva Ashadhaपूर्वाषाढ़ाApas (Water)253.33° से 266.66°
21Uttara Ashadhaउत्तराषाढ़ाVishwadevas266.66° से 279.99°
22Shravanaश्रवणVishnu279.99° से 293.33°
23Dhanishtaधनिष्ठाVasus293.33° से 306.66°
24ShatabhishaशतभिषाVaruna306.66° से 319.99°
25Purva Bhadrapadaपूर्वा भाद्रपदAja Ekapada319.99° से 333.32°
26Uttara Bhadrapadaउत्तरा भाद्रपदAhirbudhnya333.32° से 346.66°
27RevatiरेवतीPushan346.66° से 359.99°

तालिका २: २७ योग एवं उनका शुभ-अशुभ स्वरूप

क्र.योग नामसंस्कृतस्वरूपकार्य उपयुक्तता
1Vishkambhaविष्कुम्भअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
2Pritiप्रीतिशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
3Ayushmanआयुष्मानशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
4Saubhagyaसौभाग्यशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
5Shobhanaशोभनशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
6Atigandaअतिगण्डअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
7Sukarmaसुकर्माशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
8Dhritiधृतिशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
9Shulaशूलअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
10Gandaगण्डअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
11Vriddhiवृद्धिशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
12Dhruvaध्रुवशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
13Vyaghataव्याघातअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
14Harshanaहर्षणशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
15Vajraवज्रअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
16Siddhiसिद्धिशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
17Vyatipataव्यतीपातअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
18Variyanवरीयान्शुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
19Parighaपरिघअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम
20Shivaशिवशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
21Siddhaसिद्धशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
22Sadhyaसाध्यशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
23Shubhaशुभशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
24Shuklaशुक्लशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
25Brahmaब्रह्मशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
26Indraइन्द्रशुभ एवं कल्याणकारीसर्व कार्य सिद्धि
27Vaidhritiवैधृतिअशुभ (त्याज्य)शांति कर्म एवं संयम

तालिका ३: १५ तिथियाँ एवं उनके देवता

क्र.तिथिसंज्ञाअधिष्ठाताफल एवं प्रभाव
प्रतिपदानंदाअग्निनवीन बीज व कृषि कार्य
द्वितीयाभद्राब्रह्मायात्रा, विवाह एवं शिक्षा
तृतीयाजयागौरीशिल्प, संगीत एवं व्यापार
चतुर्थीरिक्तागणेशविघ्न निवारण एवं ऋणमुक्ति
पञ्चमीपूर्णासर्पनाग पूजा एवं स्वास्थ्य लाभ
षष्ठीनंदाकार्तिकेयपद-प्रतिष्ठा एवं यश
सप्तमीभद्रासूर्यवाहन क्रय एवं यात्रा
अष्टमीजयादुर्गा/शिवव्रत, संयम एवं शक्ति उपासना
नवमीरिक्तादुर्गा/रामशस्त्र पूजा एवं साधना
१०दशमीपूर्णायम/दिग्पालसत्कर्म एवं प्रतिष्ठा
११एकादशीनंदाश्री हरि विष्णुउपवास, आत्म-शुद्धि
१२द्वादशीभद्राविष्णुपारण, दान एवं होम
१३त्रयोदशीजयाकामदेव/शिवप्रदोष व्रत, मैत्री
१४चतुर्दशीरिक्ताभगवान शिवशिव आराधना, मंत्र सिद्धि
१५पूर्णिमा / अमावस्यापूर्णा / पितृचंद्र / पितृगणसत्यनारायण कथा / तर्पण

६. दोष परिहार, मुहूर्त निर्णय एवं व्यावहारिक आचार-संहिता

नेपाल पंचांग निर्णायक विकास समिति द्वारा देश भर के लिए पावन साइत और पर्वों का प्रामाणिक निर्णय दिया जाता है। पंचक और ग्रहण वेध के समय मांगलिक कार्यों से बचते हुए पशुपतिनाथ के रुद्राभिषेक द्वारा सर्व-दोष शांति की जाती है।

मुहूर्त निर्णय के सार्वभौमिक नियम:

१. शुभ मुहूर्त के तीन आधार: रिक्ता तिथियों (४, ९, १४) का त्याग, वेध-रहित शुभ नक्षत्र का चयन, और लग्न केंद्र (१, ४, ७, १०) में शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र, बुध) की स्थिति। २. दोषों का आध्यात्मिक परिहार: यदि किसी अनिवार्य कार्य में पूर्ण शुद्ध लग्न न मिले, तो अभिजित मुहूर्त का चयन अथवा श्रीविष्णु सहस्रनाम का पाठ कर कार्य प्रारंभ करना श्रेयस्कर माना गया है। इस प्रकार नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग प्रत्येक साधक को वैज्ञानिक सटीकता और वैदिक पवित्रता से युक्त मार्गदर्शन प्रदान करता है।

दैनिक चौघड़िया मुहूर्त (दिन एवं रात्रि)

अमृत, शुभ एवं लाभ श्रेष्ठ

किसी भी शुभ कार्य, यात्रा या नवीन अनुष्ठान को प्रारंभ करने से पूर्व चौघड़िया का विचार अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।

दिन का चौघड़िया

लाभ (शुभ)12:39 am - 02:10 am
अमृत (शुभ)02:10 am - 03:41 am
काल (अशुभ)03:41 am - 05:12 am
शुभ (शुभ)05:12 am - 06:43 am
रोग (अशुभ)06:43 am - 08:14 am
उद्वेग (अशुभ)08:14 am - 09:45 am
चर (मध्यम)09:45 am - 11:15 am
लाभ (शुभ)11:15 am - 12:46 pm

रात्रि का चौघड़िया

उद्वेग (अशुभ)12:46 pm - 02:16 pm
चर (मध्यम)02:16 pm - 03:45 pm
लाभ (शुभ)03:45 pm - 05:14 pm
अमृत (शुभ)05:14 pm - 06:43 pm
काल (अशुभ)06:43 pm - 08:12 pm
शुभ (शुभ)08:12 pm - 09:42 pm
रोग (अशुभ)09:42 pm - 11:11 pm
उद्वेग (अशुभ)11:11 pm - 12:40 am

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) — नेपाली पात्रो — विक्रम संवत, दशैं एवं तिहार पंचांग

प्रामाणिक ग्रंथों एवं वैदिक ज्योतिष के आधार पर दिए गए उत्तर

Frequently asked questions

नेपाली पात्रो का बिक्रम संवत ईस्वी सन् से कितना आगे है?

नेपाल का राष्ट्रीय बिक्रम संवत (B.S.) ग्रेगोरियन कैलेंडर (ईस्वी) से लगभग ५६.७ वर्ष आगे चलता है। सन् २०२६ में नेपाल में २०८२-२०८३ संवत रहेगा।

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