Bhakti Voice
📿 दैनिक आध्यात्मिक साधना

जप काउंटर

राधे राधे, राम नाम, हरे कृष्ण एवं ॐ नमः शिवाय का शांत १०८ जप काउंटर। अपनी दैनिक माला और श्रृंखला बनाए रखें।

Preparing your jaap counter…

नाम जप विज्ञान एवं साधना महिमा

कलियुग में केवल नाम अधारा — नाम जप का महत्व और विधि

गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है — 'कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा।' कलियुग में कठिन तपस्या और जटिल यज्ञों के स्थान पर केवल शुद्ध भाव से प्रभु के पावन नाम का जप ही आत्मशांति, चित्त शुद्धि और मोक्ष का सबसे सरल एवं प्रत्यक्ष मार्ग है।

108

108 मनकों का रहस्य

108 उपनिषद्, 27 नक्षत्रों के 4 चरण और सूर्य तथा पृथ्वी की दिव्य दूरी का अनुपात 108 है। एक माला ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ने का पावन चक्र है।

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चित्त शुद्धि और शांति

निरंतर नाम स्मरण से मानसिक तनाव, नकारात्मक विचार और भय समाप्त होते हैं। मन में एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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डिजिटल जप एवं एकाग्रता

कार्यालय, यात्रा या दिनचर्या में जब भौतिक माला उपलब्ध न हो, तब यह डिजिटल जप काउंटर आपको प्रतिदिन के संकल्प से जोड़े रखता है।

सरल जप विधि

दैनिक नाम जप की सही एवं फलदायी विधि

01

स्थान एवं आसन

पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके शांत वातावरण में रीढ़ सीधी रखकर सुखासन या पद्मासन में बैठें।

02

ईष्ट स्मरण व संकल्प

नेत्र बंद कर अपने आराध्य के स्वरूप का ध्यान करें और मन ही मन कम से कम 1 माला (108 बार) का संकल्प लें।

03

मनसा या उपांशु जप

मंत्र का उच्चारण या तो धीमी ध्वनि में (उपांशु) करें अथवा मन ही मन (मानसिक) करें। गति मध्यम और लयबद्ध रखें।

04

प्रणाम व समर्पण

जप समाप्त होने पर 2 मिनट शांत बैठें, प्रभु के चरणों में जप का फल समर्पित करें और आज की साधना साझा करें।

संबंधित पावन साधना एवं मंत्र संग्रह

अपने आध्यात्मिक अभ्यास को और गहरा करने के लिए इन विशेष संग्रहों को अवश्य देखें:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाम जप क्या है?

नाम जप ईश्वर के नाम का शांत दोहराव है — राम, राधे, कृष्ण, शिव, या जो मंत्र आप धारण करते हैं। गिनती केवल सहारा है। बैठना ही साधना है।

१०८ बार (१ माला) का क्या रहस्य है?

१०८ एक दिव्य ब्रह्मांडीय संख्या है जो २७ नक्षत्रों के ४ चरणों (२७ x ४ = १०८) और सूर्य, चंद्र तथा पृथ्वी के दूरी अनुपात को दर्शाती है। एक माला पूर्ण आध्यात्मिक चक्र बनाती है।

इस जप काउंटर का उपयोग कैसे करें?

नाम चुनें, फिर प्रत्येक नाम पर वृत्त को स्पर्श करें या स्पेसबार दबाएँ। एक माला १०८ है। अतिथि उस नाम की विश्वभर गिनती बढ़ाते हैं। अपना जप और श्रृंखला रखने के लिए साइन इन करें।

क्या भौतिक माला आवश्यक है?

नहीं। तुलसी या रुद्राक्ष माला सुंदर साथी है, पर नाम मनकों की प्रतीक्षा नहीं करता। यह डिजिटल काउंटर उन दिनों के लिए है जब माला उपलब्ध न हो या आप यात्रा में हों।

कौन सा मंत्र जपूँ?

जो हृदय पहले से जानता है। राधे राधे, राम नाम, हरे कृष्ण महामंत्र, ॐ नमः शिवाय यहाँ आरंभ के लिए हैं। यदि गुरु ने मंत्र दिया है, वही जपें — यह पृष्ठ गिनती रखेगा।

साधना शेयर करने की क्या विधि है?

'साधना साझा करें' पर क्लिक कर आप आज का जप, माला संख्या व श्रृंखला का सुंदर व्हाट्सएप कार्ड बना सकते हैं और परिजनों को सत्संग के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

यदि एक दिन छूट जाए तो?

फिर बैठ जाएँ। छूटा दिन टूटा व्रत नहीं, जब तक आप उसे ऐसा न बनाएँ। माला दूर लगे तो ग्यारह नाम पर्याप्त हैं। प्रभु का द्वार सदैव खुला रहता है।

क्या ज़ोर से जप करें या मौन?

दोनों नाम जप हैं। फुसफुसाहट (उपांशु), वाणी (वैखरी), या मन में नाम (मानसिक)। पृष्ठभूमि में भक्ति धुन भी चला सकते हैं।