
कल का पंचांग एवं शुभ मुहूर्त
कल का अग्रिम वैदिक पंचांग। कल की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया देखकर अपने शुभ कार्यों की योजना बनाएं।
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
गुरुवार • नई दिल्ली
पंचांग के पांच मुख्य अंग
त्रयोदशी
समाप्त: 11:19 pm तक
धनिष्ठा
समाप्त: 10:24 am तक
धृति
समाप्त: 3:45 pm तक
कौलव
समाप्त: 11:03 am तक
गुरुवार
दिन के स्वामी ग्रह: बृहस्पति देव (गुरु)
सूर्य एवं चंद्र खगोलीय स्थिति
आज के शुभ मुहूर्त
ध्यान, साधना एवं योग हेतु
नवीन कार्यों एवं यात्रा हेतु
पूजा-अनुष्ठान हेतु
आज के अशुभ काल
शुभ कार्य आरम्भ न करें
आज का सम्पूर्ण चौघड़िया मुहूर्त
दिन एवं रात के 8-8 चौघड़िया काल
दैनिक ग्रह स्थिति (Planetary Ephemeris)
अयनंश: 24° 13' 34" (Chitrapaksha / Lahiri) • दैनिक गति, वक्र एवं अस्त स्थिति
| ग्रह (Planet) | राशि (Zodiac Sign) | अंश (Degrees) | नक्षत्र एवं पाद | गति (Speed) | स्थिति (Status) |
|---|---|---|---|---|---|
☉ सूर्य Surya (Sun) | कन्या स्वामी: बुध | 6° 43' 51" | उत्तरा फाल्गुनी पाद 4 • स्वामी: सूर्य | +0.98°/d | मार्गी (Direct) |
☽ चंद्र Chandra (Moon) | कुंभ स्वामी: शनि | 3° 45' 09" | धनिष्ठा पाद 4 • स्वामी: मंगल | +12.67°/d | मार्गी (Direct) |
♂ मंगल Mangal (Mars) | कर्क स्वामी: चंद्र | 3° 19' 29" | पुनर्वसु पाद 4 • स्वामी: गुरु | +0.6°/d | मार्गी (Direct)नीच (Debilitated) |
☿ बुध Budha (Mercury) | कन्या स्वामी: बुध | 26° 40' 55" | चित्रा पाद 2 • स्वामी: मंगल | +1.46°/d | मार्गी (Direct)उच्च (Exalted) |
♃ गुरु (बृहस्पति) Guru (Jupiter) | कर्क स्वामी: चंद्र | 24° 04' 30" | आश्लेषा पाद 3 • स्वामी: बुध | +0.19°/d | मार्गी (Direct)उच्च (Exalted) |
♀ शुक्र Shukra (Venus) | तुला स्वामी: शुक्र | 12° 40' 39" | स्वाती पाद 2 • स्वामी: राहु | +0.33°/d | मार्गी (Direct)स्वक्षेत्री (Own) |
♄ शनि Shani (Saturn) | मीन स्वामी: गुरु | 17° 53' 35" | रेवती पाद 1 • स्वामी: बुध | -0.08°/d | वक्र (R) |
☊ राहु Rahu (North Node) | कुंभ स्वामी: शनि | 3° 51' 30" | धनिष्ठा पाद 4 • स्वामी: मंगल | -0.05°/d | वक्री (स्वाभाविक)स्वक्षेत्री (Own) |
☋ केतु Ketu (South Node) | सिंह स्वामी: सूर्य | 3° 51' 30" | मघा पाद 2 • स्वामी: केतु | -0.05°/d | वक्री (स्वाभाविक) |
कल के पंचांग से जुड़े प्रश्नोत्तर
कल का पंचांग पहले से क्यों देखना चाहिए?
कल के पंचांग से अग्रिम जानकारी मिलने पर आप व्रत-उपवास, पारण का समय, यात्रा, नए व्यापार अथवा मांगलिक कार्यों की योजना शुभ मुहूर्त के अनुसार बना सकते हैं और राहु काल से बच सकते हैं।
कल की तिथि का निर्धारण कैसे होता है?
कल की तिथि का निर्धारण आपके शहर के कल के स्थानीय सूर्योदय (उदयातिथि) के समय उपस्थित चंद्र-सूर्य की खगोलीय स्थिति के आधार पर होता है।
