जन्मभूमि कृष्ण मंदिर
श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा दर्शन गाइड: कारागार गर्भ गृह, केशवदेव मंदिर और इतिहास

- Deity
- भगवान बालकृष्ण (केशवदेव जी)
- Location
- डीग गेट, मथुरा, उत्तर प्रदेश
Read this page
मथुरा का श्री कृष्ण जन्मस्थान वह परम पावन धाम है जहां द्वापर युग में राजा कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था। इस विशाल और जाग्रत परिसर में मूल कारागार गर्भ गृह, भव्य केशवदेव मंदिर, श्रीमद्भागवत भवन और ऐतिहासिक पोतरा कुंड स्थित हैं, जो विश्वभर के करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हैं।
History
पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार यहां 2000 वर्ष से अधिक प्राचीन मंदिर के प्रमाण मिले हैं। कई आक्रमणों के बाद 20वीं सदी में महामना मदन मोहन मालवीय, जयदयाल डालमिया और बिड़ला परिवार के सहयोग से वर्तमान भव्य परिसर का पुनर्निर्माण हुआ।
Architecture
भरतपुर के लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से निर्मित भव्य नागर शैली। भागवत भवन की दीवारों पर श्रीमद्भगवद्गीता के 700 श्लोक अंकित हैं और छतों पर मनमोहक चित्रकारी की गई है।
Best time
अक्टूबर से मार्च तक का मौसम सर्वोत्तम रहता है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां का जन्मोत्सव और अभिषेक अलौकिक होता है।
Timings
ग्रीष्मकाल: प्रातः 05:00 से 12:00 बजे और सायं 04:00 से 09:30 बजे तक। शीतकाल: प्रातः 05:30 से 12:00 बजे और दोपहर 03:00 से रात्रि 08:30 बजे तक।
Darshan
लंबी कतारों से बचने के लिए मोबाइल व बैग वाहन में या होटल में ही छोड़कर आएं। मंदिर में प्रवेश से पहले सघन सुरक्षा जांच होती है।
How to reach
मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से मंदिर मात्र 3.5 किमी की दूरी पर है। दिल्ली से ताज/यमुना एक्सप्रेसवे द्वारा 2.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है।
Nearby
- पोतरा कुंड
- द्वारकाधीश मंदिर मथुरा
- विश्राम घाट
- गोकुल धाम (10 किमी)
- वृंदावन (11 किमी)
Frequently asked questions
श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा नियम क्या हैं?
यहां त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां, कैमरे, बैग, बीड़ी-सिगरेट, माचिस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है; इन्हें बाहरी क्लॉक रूम में जमा कराना होता है।
गर्भ गृह में भक्त क्या दर्शन करते हैं?
श्रद्धालु भूमिगत प्राचीन कारागार कक्ष के दर्शन करते हैं, जहां कंस द्वारा माता देवकी और वासुदेव जी को बंदी बनाया गया था और भगवान का प्राकट्य हुआ था।
