ॐ जय जगदीश हरे आरती - संपूर्ण लिरिक्स, भावार्थ एवं पूजा विधि
भगवान श्री विष्णु की पावन आरती ॐ जय जगदीश हरे के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए इसका सरल भावार्थ, संध्या पूजा नियम और आध्यात्मिक लाभ।
सार्वजनिक धार्मिक धरोहर
Writer & Research Team

ॐ जय जगदीश हरे संपूर्ण ब्रह्मांड के पालनकर्ता भगवान श्री विष्णु की सबसे लोकप्रिय और कल्याणकारी आरती है। दैनिक संध्या वंदन और सत्यनारायण कथा के समापन पर इसका गायन किया जाता है। इसके नित्य पाठ से पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
Om Jai Jagdish Hare Aarti - Hindi & English Lyrics
Om Jai Jagadish Hare, Swami Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे |
Bhakt Jano Ke Sankat, Kshan Men Door Kare
भक्त जनन के संकट, क्षण में दूर करे ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Jo Dhyaave Phal Paave, Dukh Vinse Man Kaa
जो ध्यावै फल पावै, दुःख विनसे मन का |
Sukh Sampati Ghar Ave, Kasht Mite Tan Kaa
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Maat Pita Tum Mere, Sharan Gahoon Kiski
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी |
Tum Bin Aur Na Dooja, Aas Karoon Jiski
तुम बिन और न दूजा, आस करूं मैं जिसकी ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Tum Pooran Paramatma, Tum Antaryami
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी |
Paar Brahm Parameshwar, Tum Sabke Swami
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Tum Karuna Ke Saagar, Tum Paalan Karta
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता |
Main Moorakh Khalakhami, Kripa Karo Bharta
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Tum Ho Ek Agochar, Sab Ke Praan Pati
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति |
Kis Vidhi Miloon Dayamaya, Tum Ko Main Kumati
किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति ||
Om Jai Jagdish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Deen Bandhu Dukh Harta, Tum Rakshak Mere
दीनबन्धु दुःखहर्ता, तुम रक्षक मेरे |
Apne Haath Uthao, Dwaar Pada Tere
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Vishay Vikaar Mitao, Paap Haro Deva
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा |
Shradha Bhakti Badhao, Santan Ki Seva
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Tan-Man-Dhan Hai Tera Swami Sab Kuchh Hai Tera
तन मन धन तेरा, स्वामी सब कुछ है तेरा |
Tera Tujhko Arpan, Kya Lage Mera
तेरा तुझ को अर्पण, क्या लागे मेरा ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Shree Jagdish Ji Ki Arti Jo Koi Nar Gave
श्री जगदीश जी की आरती, जो कोई नर गावे |
Kahat Hai Shivanand Swami Sukh Sampati Pave
कहत शिवानन्द स्वामी सुख सम्पति पावे ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
Om Jai Jagadish Hare, Swami Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे |
Bhakt Jano Ke Sankat, Kshan Men Door Kare
भक्त जनन के संकट, क्षण में दूर करे ||
Om Jai Jagadish Hare
ॐ जय जगदीश हरे
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भगवान श्री विष्णु की पावन आरती ॐ जय जगदीश हरे के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए इसका सरल भावार्थ, संध्या पूजा नियम और आध्यात्मिक लाभ।
Frequently asked questions
ॐ जय जगदीश हरे आरती करने का सबसे उत्तम समय कौन सा है?
दैनिक संध्याकाल (सूर्यास्त के समय) और श्री सत्यनारायण कथा अथवा एकादशी व्रत के समापन पर यह आरती करना सर्वोत्तम माना जाता है।
आरती की पंक्ति 'तन मन धन सब है तेरा' का क्या आशय है?
यह पंक्ति पूर्ण आत्मसमर्पण का भाव व्यक्त करती है, जिससे साधक यह स्वीकार करता है कि उसका सब कुछ प्रभु की ही कृपा और धरोहर है।
इस आरती में मुख्य रूप से किस देवता की स्तुति की गई है?
यह आरती जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु (जगदीश) को समर्पित है।
आरती की थाली में किन सामग्रियों का होना आवश्यक है?
शुद्ध गाय के घी का दीपक अथवा कपूर, रोली, अक्षत, ताजे पुष्प और पूजन घंटी का उपयोग मुख्य रूप से किया जाता है।
नित्य इस आरती का गायन करने से क्या फल प्राप्त होता है?
मानसिक शांति की प्राप्ति होती है, अहंकार का नाश होता है और घर के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
