आरती कीजै हनुमान लला की - संकटमोचन आरती व विधि
संकटमोचन महाबली हनुमान जी की पावन आरती के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए मंगलवार और शनिवार पूजा विधि, सिंदूर का महत्व और आध्यात्मिक लाभ।
सार्वजनिक धार्मिक धरोहर
Writer & Research Team

आरती कीजै हनुमान लला की श्री राम भक्त हनुमान जी की सबसे पावन आरती है। यह स्तुति साधक के जीवन से भय, संशय और संकटों का निवारण करने वाली मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को इसका सस्वर गायन करने से आत्मविश्वास और आत्मिक बल में वृद्धि होती है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
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आरती का आध्यात्मिक भाव
सरल मंगलवार पूजन विधि
Why this matters today
संकटमोचन महाबली हनुमान जी की पावन आरती के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए मंगलवार और शनिवार पूजा विधि, सिंदूर का महत्व और आध्यात्मिक लाभ।
Frequently asked questions
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन क्यों चुना जाता है?
मंगलवार हनुमान जी का पावन दिन माना जाता है और शनिवार को शनि ग्रह जनित कष्टों के निवारण हेतु उनकी आराधना विशेष मानी गई है।
हनुमान जी के सम्मुख कौन सा तेल जलाना चाहिए?
हनुमान जी की पूजा में शुद्ध सरसों के तेल अथवा चमेली के तेल का दीपक जलाना परंपरागत रूप से उत्तम माना गया है।
आरती में संजीवनी बूटी लाने का क्या संदेश है?
यह प्रसंग यह प्रेरणा देता है कि निष्ठा और पुरुषार्थ से असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बनाया जा सकता है।
हनुमान जी को कौन सा नैवेद्य अर्पित किया जाता है?
बूंदी, बेसन के लड्डू अथवा गुड़-चने का सात्विक भोग मुख्य रूप से अर्पित किया जाता है।
क्या घर पर इस आरती का नियमित पाठ किया जा सकता है?
हां, दैनिक अथवा प्रत्येक मंगलवार को परिवार सहित यह आरती करने से घर में शांति और निर्भयता का वातावरण बनता है।
