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हनुमान आरती8 min read

आरती कीजै हनुमान लला की - संकटमोचन आरती व विधि

संकटमोचन महाबली हनुमान जी की पावन आरती के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए मंगलवार और शनिवार पूजा विधि, सिंदूर का महत्व और आध्यात्मिक लाभ।

सार्वजनिक धार्मिक धरोहर

Writer & Research Team

Updated: 2026-06-22
श्री हनुमान जी की सिंदूरी प्रतिमा, गदा और पूजा का पावन दीपक
हनुमान आरती

आरती कीजै हनुमान लला की श्री राम भक्त हनुमान जी की सबसे पावन आरती है। यह स्तुति साधक के जीवन से भय, संशय और संकटों का निवारण करने वाली मानी जाती है। मंगलवार और शनिवार को इसका सस्वर गायन करने से आत्मविश्वास और आत्मिक बल में वृद्धि होती है।

Sacred Heritage

Timeless Temple Tradition

Architectural Wonder

Ancient Vedic Mastery

Scriptural Origin

Puranic & Epic History

Spiritual Sadhana

Living Faith & Wisdom

संपूर्ण आरती हिंदी लिरिक्स

आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग-दोष जाके निकट न झांके। अंजनि पुत्र महाबलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की॥ दे बीड़ा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाये। लंका सो कोट समुद्र सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की॥ लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज संवारे। लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे, आनि संजीवन प्रान उबारे॥ आरती कीजै हनुमान लला की॥ पैठि पाताल तोरि जम-कारे, अहिरावण की भुजा उखारे। बायें भुजा असुर दल मारे, दाहिने भुजा संतजन तारे॥ आरती कीजै हनुमान लला की॥ सुर-नर-मुनि आरती उतारें, जय जय जय हनुमान उचारें। कंचन थार कपूर लौ छाई, आरति करत अंजना माई॥ आरती कीजै हनुमान लला की॥ जो हनुमान जी की आरति गावै, बसि बैकुंठ परम पद पावै। लंक विध्वंस किये रघुराई, तुलसीदास स्वामी कीरति गाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

आरती का आध्यात्मिक भाव

यह आरती हमें यह सिखाती है कि शक्ति का वास्तविक सदुपयोग धर्म, सेवा और रक्षा में है। हनुमान जी के पराक्रम का स्मरण साधक को भीतर से सबल बनाता और जीवन की कठिन परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की शक्ति देता है।

सरल मंगलवार पूजन विधि

हनुमान जी के सम्मुख तेल का दीपक जलाएं। सिंदूर और लाल पुष्प अर्पित करें। खड़े होकर दाहिने हाथ से आरती की थाल घुमाएं। आरती समाप्त होने पर प्रभु को नमन कर गुड़-चने का प्रसाद बांटें।

Why this matters today

संकटमोचन महाबली हनुमान जी की पावन आरती के संपूर्ण बोल हिंदी व अंग्रेजी में। जानिए मंगलवार और शनिवार पूजा विधि, सिंदूर का महत्व और आध्यात्मिक लाभ।

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Frequently asked questions

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन क्यों चुना जाता है?

मंगलवार हनुमान जी का पावन दिन माना जाता है और शनिवार को शनि ग्रह जनित कष्टों के निवारण हेतु उनकी आराधना विशेष मानी गई है।

हनुमान जी के सम्मुख कौन सा तेल जलाना चाहिए?

हनुमान जी की पूजा में शुद्ध सरसों के तेल अथवा चमेली के तेल का दीपक जलाना परंपरागत रूप से उत्तम माना गया है।

आरती में संजीवनी बूटी लाने का क्या संदेश है?

यह प्रसंग यह प्रेरणा देता है कि निष्ठा और पुरुषार्थ से असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों को भी संभव बनाया जा सकता है।

हनुमान जी को कौन सा नैवेद्य अर्पित किया जाता है?

बूंदी, बेसन के लड्डू अथवा गुड़-चने का सात्विक भोग मुख्य रूप से अर्पित किया जाता है।

क्या घर पर इस आरती का नियमित पाठ किया जा सकता है?

हां, दैनिक अथवा प्रत्येक मंगलवार को परिवार सहित यह आरती करने से घर में शांति और निर्भयता का वातावरण बनता है।