शिव
मानसिक स्पष्टता के लिए शिव गायत्री जाप

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
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Deity: शिव (रुद्र)
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पारंपरिक गायत्री मंत्र की एक शक्तिशाली भिन्नता, शिव गायत्री भगवान महादेव को समर्पित है। इसका जाप अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि की 'तीसरी आंख' को जाग्रत करने के लिए किया जाता है।
How to chant
- रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।
- अपनी भौहों के बीच के स्थान (आज्ञा चक्र) पर दृढ़ता से ध्यान केंद्रित करें।
Significance
यह मंत्र चेतना की लेजर बीम के रूप में कार्य करता है। यह मन की तामसिक प्रवृत्तियों को नष्ट करता है, स्पष्टता लाता है।
Traditional benefits
- अंतर्ज्ञान और दूरदर्शिता को तेज करता है।
- गहरे ध्यान के लिए बेचैन, अतिसक्रिय मन को शांत करता है।
Frequently asked questions
शिव गायत्री और सूर्य गायत्री में क्या अंतर है?
सूर्य गायत्री सूर्य देव से बुद्धि के प्रकाश की मांग करती है, जबकि शिव गायत्री भगवान शिव से उच्च चेतना के जागरण और अज्ञान के विनाश की मांग करती है।
