सार्वभौमिक / शांति
सत्य और प्रकाश के लिए शांति मंत्र जाप

ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय, ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
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Deity: निराकार परमात्मा (ब्रह्म)
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पवमान (पवित्र करने वाला) मंत्र के रूप में जाना जाने वाला, यह बृहदारण्यक उपनिषद में पाया जाने वाला आध्यात्मिक विकास के लिए सबसे प्राचीन मंत्र है।
How to chant
- अपनी आँखें बंद करें और चुपचाप बैठें।
- जाप करते समय शब्दों के अर्थ पर ध्यान दें।
Significance
यह मंत्र संपूर्ण मानव आध्यात्मिक यात्रा को समाहित करता है। यह आत्मा की सत्य को पहचानने की प्रार्थना है।
Traditional benefits
- अवसाद, भ्रम और निरर्थकता की भावनाओं को दूर करता है।
- गहरी शांति का वातावरण बनाता है।
Frequently asked questions
क्या यह मंत्र किसी विशिष्ट देवता से जुड़ा है?
नहीं, यह निराकार सर्वोच्च चेतना के लिए एक सार्वभौमिक प्रार्थना है।
