जैन धर्म
शांति और शुद्धि के लिए णमोकार मंत्र जाप

णमो अरिहंताणं। णमो सिद्धाणं। णमो आयरियाणं। णमो उवज्झायाणं। णमो लोए सव्वसाहूणं॥
णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं
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Deity: पंच परमेष्ठी
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णमोकार मंत्र (जिसे नवकार मंत्र भी कहा जाता है) जैन धर्म की सबसे महत्वपूर्ण और मूलभूत प्रार्थना है। यह भौतिक सुख नहीं मांगता बल्कि आध्यात्मिक आत्माओं को सम्मान देता है।
How to chant
- शांतिपूर्ण वातावरण में बैठें।
- प्रबुद्ध प्राणियों के शुद्ध गुणों पर विचार करें।
Significance
इस मंत्र का जाप साधक के मन को उच्चतम आध्यात्मिक अवस्थाओं के साथ जोड़ता है। यह नकारात्मक कर्मों को जला देता है।
Traditional benefits
- संचित बुरे कर्मों को नष्ट करता है (निर्जरा)।
- गहरी मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।
Frequently asked questions
क्या णमोकार मंत्र किसी विशिष्ट भगवान की प्रार्थना करता है?
नहीं। यह किसी व्यक्तिगत देवता के बजाय प्रबुद्ध प्राणियों (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु) के गुणों को नमन करता है।
