चार धाम कृष्ण मंदिर
द्वारकाधीश जगत मंदिर: वास्तुकला, इतिहास, ध्वजारोहण और दर्शन गाइड

- Deity
- भगवान श्रीकृष्ण (द्वारकाधीश)
- Location
- द्वारका, देवभूमि द्वारका जिला, गुजरात
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गुजरात के सौराष्ट्र तट पर गोमती नदी और अरब सागर के संगम पर स्थित द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) सनातन धर्म के पवित्र चार धामों में से एक है। यहां भगवान श्रीकृष्ण 'द्वारका के राजा' के रूप में पूजे जाते हैं। 72 स्तंभों पर टिका 5 मंजिला गर्भगृह और 52 गज की लहराती दिव्य ध्वजा इस पावन स्थल की पहचान है।
History
पौराणिक मान्यतानुसार इस मंदिर का मूल निर्माण भगवान कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने उनके महल 'हरि गृह' के स्थान पर कराया था। वर्तमान स्वरूप 15वीं-16वीं शताब्दी की चालुक्य एवं गुर्जर-मारू स्थापत्य शैली को दर्शाता है।
Architecture
चूना पत्थर से निर्मित यह भव्य 5 मंजिला मंदिर मारू-गुर्जर स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो 72 सुंदर नक्काशीदार स्तंभों पर टिका है और इसका शिखर 78 मीटर ऊंचा है।
Best time
अक्टूबर से मार्च का मौसम सबसे अनुकूल रहता है। जन्माष्टमी उत्सव के दौरान यहां का वैभव दर्शनीय होता है।
Timings
प्रातः कालीन दर्शन: सुबह 06:30 से दोपहर 01:00 बजे तक; सांध्य दर्शन: सायं 05:00 से रात्रि 09:30 बजे तक।
Darshan
मंदिर में प्रवेश गोमती तट की ओर 56 सीढ़ियों वाले 'स्वर्ग द्वार' से होता है और निकास 'मोक्ष द्वार' से किया जाता है।
How to reach
द्वारका रेलवे स्टेशन मंदिर से केवल 2 किमी दूर है। निकटतम हवाई अड्डा जामनगर (137 किमी) और राजकोट (225 किमी) है।
Nearby
- गोमती घाट एवं संगम
- रुक्मिणी देवी मंदिर
- बेट द्वारका
- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
- सुदामा सेतु
Frequently asked questions
द्वारकाधीश मंदिर पर 52 गज की ध्वजा का क्या महत्व है?
दिन में 5 बार बदली जाने वाली 52 गज की ध्वजा प्राचीन द्वारका नगरी के 52 द्वारों और समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियों का प्रतीक है। इस ध्वजा पर सूर्य और चंद्रमा का अंकन होता है।
क्या मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने की अनुमति है?
नहीं, मंदिर के मुख्य परिसर में मोबाइल, कैमरा और चमड़े की वस्तुएं ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है; इन्हें लॉकर काउंटर पर जमा कराना होता है।
