श्री राम उत्सव
श्री राम नवमी संपूर्ण मार्गदर्शिका: मध्याह्न जन्मोत्सव, रामायण पाठ और पूजा विधि
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यह पर्व उस दिन मनाया जाता है जब नवमी तिथि का विस्तार दोपहर (मध्याह्न) के समय होता है।
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चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्मोत्सव 'राम नवमी' के रूप में संपूर्ण विश्व में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। यह दिन चैत्र नवरात्रि का समापन दिवस भी होता है। त्रेतायुग में अयोध्या नगरी में दोपहर 12 बजे अभिजित मुहूर्त में प्रभु श्री राम का अवतरण धर्म की पुनर्स्थापना और मानवता को आदर्श जीवन का मार्ग दिखाने के लिए हुआ था।
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Frequently asked questions
राम नवमी की मुख्य पूजा का समय क्या होता है?
मुख्य जन्मोत्सव दोपहर (मध्याह्न काल) लगभग 11:00 बजे से 1:30 बजे के मध्य अभिजित मुहूर्त में मनाया जाता है।
राम नवमी पर भगवान राम को किस विशेष प्रसाद का भोग लगाया जाता है?
पनाकम (गुड़, सोंठ और इलायची का शरबत), मट्ठा, धनिए की पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाया जाता है।
राम नवमी के दिन किन ग्रंथों का पाठ करना चाहिए?
श्री रामचरितमानस (बालकांड के जन्म प्रसंग), सुंदरकांड और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।
