दक्षिण भारतीय फसल उत्सव
ओणम महापर्व संपूर्ण गाइड: अथम से तिरुओणम तक के 10 दिन, पूकलम और ओणसद्या
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भक्ति वॉइस
यह पर्व चिंगम मास में उस दिन मनाया जाता है जब दिन के समय श्रवण (तिरुओणम) नक्षत्र होता है।
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ओणम केरल का सबसे भव्य सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और फसल उत्सव है, जो चिंगम मास में श्रवण (तिरुओणम) नक्षत्र के संयोग पर मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाला यह पावन पर्व प्रजावत्सल राजा महाबलि के वार्षिक पृथ्वी आगमन और भगवान विष्णु के पांचवें पूर्णावतार 'वामन देव' (ओणत्तप्पन) की आराधना का प्रतीक है। इस अवसर पर घरों के आंगन में ताजे फूलों से 'पूकलम' बनाई जाती है, प्रसिद्ध 'वल्लमकाली' (नौका दौड़) का आयोजन होता है और केले के पत्ते पर 26 पारंपरिक व्यंजनों वाली 'ओणम सद्या' परोसी जाती है।
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Traditions
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Frequently asked questions
अथम से तिरुओणम तक के 10 दिनों का क्या महत्व है?
अथम से शुरू होकर प्रतिदिन फूलों की पूकलम में एक-एक नई परत जोड़ी जाती है, जो 10वें दिन तिरुओणम पर राजा महाबलि के भव्य स्वागत के लिए पूर्ण होती है।
ओणम पर पूजे जाने वाले 'ओणत्तप्पन' कौन हैं?
ओणत्तप्पन साक्षात भगवान वामन (श्री विष्णु) हैं, जिनकी मिट्टी की पिरामिड जैसी मूर्तियों को चावल के लेप से सजाकर पूकलम के मध्य में स्थापित किया जाता है।
पारंपरिक ओणम सद्या में मुख्य व्यंजन कौन से होते हैं?
केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले 24 से अधिक व्यंजन जिनमें अवियल, थोरन, ओलन, कालन, सांभर, रसम, पचड़ी, पापड़म और स्वादिष्ट पायसम शामिल हैं।
