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Ghats of Varanasi at dusk

हिन्दू कैलेंडर 2026 एवं पंचांग

दैनिक तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, एकादशी, व्रत और प्रमुख हिन्दू त्यौहारों की अपने शहर अनुसार सटीक गणना देखें।

फ़िल्टर:
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(गुरु)
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(शुक्र)
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(शनि)
Hindu Months in this Gregorian Month:Bhadrapada — Ashvina
Location: Delhi (Asia/Kolkata)
नई दिल्ली, दिल्ली

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

शुक्रवार

मास (पूर्णिमान्त): भाद्रपद
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948ऋतु: वर्षा (Monsoon)अयन: दक्षिणायन

वैदिक पंचांग के मुख्य अंग

तिथि
षष्ठी
कृष्ण पक्ष
समाप्त: 10:16 am
नक्षत्र
मृगशिरा
पाद 1 • Soma (Chandra)
तक: 4:30 am
योग
व्यतीपात
Vyatipata
तक: 7:25 pm
करण
वणिज
Vanija
तक: 10:41 am

सूर्य एवं चंद्र चक्र

सूर्योदय
6:14 am
सूर्यास्त
6:06 pm
दिनमान: 11 hrs 51 mins
सूर्य राशि: कन्या
चंद्रोदय
10:20 pm
चंद्रास्त
12:08 pm
चंद्र कला: कृष्ण पक्ष अष्टमी (62%)
चंद्र राशि: मिथुन

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त

ध्यान एवं साधना हेतु

4:38 am - 5:26 am
अभिजित मुहूर्त

शुभ कार्यों एवं यात्रा हेतु

11:46 am - 12:34 pm
अमृत काल

पूजा-अनुष्ठान हेतु

12:30 pm - 2:00 pm
विजय मुहूर्त
2:08 pm - 2:56 pm
गोधूलि मुहूर्त
5:42 pm - 6:30 pm

अशुभ काल

राहु काल

नए कार्य आरम्भ न करें

10:41 am - 12:10 pm
यमगण्ड काल
3:08 pm - 4:37 pm
गुलिक काल
7:43 am - 9:12 am
दुर्मुहूर्त 1
8:36 am - 9:24 am
दुर्मुहूर्त 2
12:34 pm - 1:21 pm
वर्ज्यम्
9:00 am - 10:30 am
आज का पावन मन्त्र (Mata Mahalakshmi)

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥

Invites purity, auspicious wealth, marital harmony, and graceful prosperity.

आगामी प्रमुख महापर्व

करवा चौथ(Karwa Chauth)

सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु और अखण्ड सौभाग्य के लिए किया जाने वाला निर्जला व्रत।

📅 2026-10-29•⭐ मुहूर्त: 05:38 PM to 06:56 PM
उल्टी गिनती (काउंटडाउन)
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आगामी व्रत एवं त्यौहार

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व्यक्तिगत एकादशी एवं व्रत की सूचनाएं

कभी भी कोई एकादशी व्रत, प्रदोष अथवा शुभ मुहूर्त न भूलें। अपने शहर और इष्टदेव के अनुसार समय पर व्हाट्सएप एवं कैलेंडर अलर्ट प्राप्त करें।

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हिन्दू कैलेंडर से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

हिन्दू चंद्र कैलेंडर (पंचांग) कैसे कार्य करता है?

हिन्दू कैलेंडर सूर्य और चंद्रमा दोनों की खगोलीय गतियों पर आधारित एक चंद्र-सौर (लूनिसोलर) प्रणाली है। इसमें पांच मुख्य अंग होते हैं: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। इन्हीं के आधार पर शुभ-अशुभ मुहूर्त और पर्व निर्धारित होते हैं।

विभिन्न शहरों में तिथि का समय क्यों बदल जाता है?

यद्यपि चंद्रमा और सूर्य का कोणीय अंतर पूरे विश्व में एक ही समय पर बदलता है, परन्तु स्थानीय सूर्योदय का समय प्रत्येक नगर के अक्षांश व देशांतर के अनुसार भिन्न होता है। अधिकांश हिन्दू व्रत एवं पर्व उदयातिथि (सूर्योदय के समय उपस्थित तिथि) के अनुसार मान्य होते हैं।

पूर्णिमान्त और अमान्त पंचांग में क्या अंतर है?

उत्तर भारत में पूर्णिमान्त मास चलता है जहाँ माह का समापन पूर्णिमा को होता है। वहीं महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में अमान्त मास चलता है जहाँ माह का समापन अमावस्या को होता है। शुक्ल व कृष्ण पक्ष की तिथियाँ दोनों में समान रहती हैं।

पूजा और नए कार्यों के लिए कौन से मुहूर्त सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं?

ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से 96 से 48 मिनट पूर्व), अभिजित मुहूर्त (दोपहर, बुधवार को छोड़कर), गोधूलि मुहूर्त और अमृत काल को किसी भी शुभ कार्य, पूजा-अर्चना एवं यात्रा के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

हिन्दू कैलेंडर 2026 (सनातन पंचांग) — आज की तिथि, व्रत, त्यौहार व शुभ मुहूर्त | Bhakti Voice