जय गणेश देवा आरती
दिव्य जय गणेश देवा आरती पढ़ें। इसके अर्थ को समझें, विघ्नहर्ता का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपनी दैनिक पूजा में सुख-समृद्धि लाएं।
भक्ति वॉइस
Writer & Research Team

जय गणेश देवा आरती भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत फलदायी और लोकप्रिय प्रार्थना है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और शुभता प्रदान करने वाला माना जाता है।
श्रद्धा और भक्ति के साथ इस आरती का पाठ करने से जीवन में शांति, ज्ञान, सुख-समृद्धि और सफलता आने की मान्यता है। इसे प्रातः और संध्या पूजा, बुधवार, गणेश चतुर्थी तथा शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गाया जाता है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
हिंदी में लिरिक
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
Lyrics In English
Jai Ganesh Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
Ek Dant Daya Want, Char Bhuuja Dhari ।
Mathe Sindor Shoye, Muse Ki Sawari ॥
Jai Ganesh Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
Pan Chadhe Phool Chadhe, Aur Chadhe Mewa ।
Laduan Ko Bhog Lage, Sant Kare Sewa ॥
Jai Ganesh Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
Andhan Ko Aankh Det, Kodhin Ko Kaya ।
Bajhan Ko Purta Det, Nirdhan Ko Maya ॥
Jai Ganesh Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
'sur' Shaam Sharan Aaye, Safal Ki Jiye Sewa ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
Jai Ganesh Jai Ganesh, Jai Ganesh Deva ।
Mata Jaki Parwati, Pita Maha Deva ॥
Why this matters today
दिव्य जय गणेश देवा आरती पढ़ें। इसके अर्थ को समझें, विघ्नहर्ता का आशीर्वाद प्राप्त करें और अपनी दैनिक पूजा में सुख-समृद्धि लाएं।
Frequently asked questions
जय गणेश देवा आरती का पाठ कब करना चाहिए?
इस आरती का पाठ सुबह और शाम की पूजा के दौरान करना बहुत शुभ माना जाता है, विशेषकर बुधवार के दिन और गणेश चतुर्थी के दौरान।
जय गणेश देवा आरती का अर्थ क्या है?
जय गणेश देवा आरती में भगवान गणेश के दिव्य स्वरूप, उनके गुणों, माता पार्वती और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया गया है।
इस आरती के माध्यम से भक्त भगवान गणेश से जीवन की बाधाएं दूर करने तथा बुद्धि, सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।
क्या जय गणेश देवा आरती रोज करनी चाहिए?
हाँ। जय गणेश देवा आरती का पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है।
इसे सुबह या शाम की पूजा के दौरान अथवा दैनिक गणेश पूजा के अंत में गाया जा सकता है।
हर शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा क्यों की जाती है?
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता अर्थात बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
इसी कारण विवाह, यात्रा, शिक्षा, व्यापार, गृह प्रवेश, नए कार्य या किसी धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।
जय गणेश देवा आरती के समय भगवान गणेश को क्या चढ़ाना चाहिए?
भगवान गणेश को सामान्य रूप से दूर्वा, फूल, फल, मोदक, लड्डू, धूप और दीपक अर्पित किए जाते हैं।
हालांकि पूजा में सामग्री से अधिक श्रद्धा, भक्ति और शुद्ध भावना को महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्या बिना पूरी पूजा किए जय गणेश देवा आरती कर सकते हैं?
हाँ। जय गणेश देवा आरती करने के लिए पूरी विधि-विधान वाली पूजा करना आवश्यक नहीं है।
आप दीपक जलाकर भगवान गणेश का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए आरती पढ़, गा या सुन सकते हैं।
भगवान गणेश की पूजा के लिए कौन सा दिन सबसे शुभ है?
बुधवार भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
इसके अलावा गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी भी भगवान गणेश की आराधना के महत्वपूर्ण अवसर हैं।
