दैनिक आरती
आरती कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी)

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आरती कुंजबिहारी की, भगवान श्री कृष्ण को समर्पित सबसे मधुर और लोकप्रिय आरतियों में से एक है। इस आरती में वृंदावन में विचरण करने वाले, मुरलीधर और मोर मुकुट धारण करने वाले श्री कृष्ण के अलौकिक रूप का वर्णन किया गया है। जन्माष्टमी, संध्या आरती और दैनिक पूजा में इस आरती का गान करने से मन को असीम शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
आरती कुंजबिहारी की (हिंदी लिरिक्स)
Frequently asked questions
'आरती कुंजबिहारी की' का क्या अर्थ और महत्व है?
यह आरती भगवान श्री कृष्ण की दिव्य महिमा का वर्णन करती है। 'कुंज बिहारी' का अर्थ है वह जो वृंदावन के कुंजों (बगीचों) में आनंदपूर्वक विचरण करता है। इस आरती के गायन से भक्त भगवान कृष्ण के प्रेममय रूप से जुड़ते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं।
