उडुपी श्री कृष्ण मठ गाइड: कनक की खिड़की से दर्शन, अष्ट मठ और अन्नदान
कर्नाटक के प्रसिद्ध उडुपी श्री कृष्ण मठ की यात्रा गाइड। जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वारा स्थापित बालकृष्ण विग्रह, कनकन किंडी दर्शन, अन्नदान और अष्ट मठ परंपरा जानें।
वैदिक तीर्थ यात्रा संपादकीय दल
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कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में स्थित उडुपी श्री कृष्ण मठ द्वैत वेदांत दर्शन का प्रमुख केंद्र है, जिसकी स्थापना 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु मध्वाचार्य जी ने की थी। इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यहां भगवान के सीधे दर्शन नहीं होते, बल्कि 9 छेदों वाली 'कनकन किंडी' (खिड़की) से दर्शन किए जाते हैं। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क स्वादिष्ट सात्विक अन्नदान कराया जाता है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
- Deity
- कडगोलु कृष्ण (मथनी लिए बालकृष्ण)
- Location
- कार स्ट्रीट, उडुपी, कर्नाटक
History
Architecture
Best time
Timings
Darshan
How to reach
Nearby
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Why this matters today
कर्नाटक के प्रसिद्ध उडुपी श्री कृष्ण मठ की यात्रा गाइड। जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वारा स्थापित बालकृष्ण विग्रह, कनकन किंडी दर्शन, अन्नदान और अष्ट मठ परंपरा जानें।
Frequently asked questions
उडुपी में खिड़की (कनकन किंडी) से दर्शन करने का क्या कारण है?
संत कनकदास को जब मंदिर में प्रवेश नहीं मिला, तब वे दीवार के पीछे बैठकर भक्तिभाव से गाने लगे। उनकी अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण का विग्रह स्वयं पश्चिम की ओर घूम गया और दीवार में दरार बनाकर दर्शन दिए।
उडुपी का 'पर्याय महोत्सव' क्या है?
प्रत्येक दो वर्ष में जनवरी माह में आयोजित होने वाला यह भव्य उत्सव है, जिसमें मध्वाचार्य जी द्वारा स्थापित 8 मठों के मठाधीशों के बीच पूजा का दायित्व चक्रानुक्रम में सौंपा जाता है।
