श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा: 8 पावन झांकियां, हवेली परंपरा और दर्शन विधि
राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी हवेली की विस्तृत मार्गदर्शिका। 8 दैनिक झांकियों का समय, पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति, पिछवाई कला और दर्शन नियम जानें।
वैदिक तीर्थ यात्रा संपादकीय दल
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राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित श्रीनाथजी मंदिर पुष्टिमार्ग संप्रदाय का प्रधान पीठ है। यहां 7 वर्ष के बालकृष्ण गोवर्धन पर्वत को बाएं हाथ की कनिष्ठिका उंगली पर उठाए हुए स्वरूप में विराजते हैं। पुष्टिमार्ग में इसे मंदिर के बजाय 'हवेली' कहा जाता है, जहां लाडले बाल रूप की सेवा 8 दैनिक झांकियों के रूप में अत्यंत लाड़-प्यार से की जाती है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
- Deity
- श्रीनाथजी (गोवर्धन नाथ जी)
- Location
- नाथद्वारा, राजसमंद जिला, राजस्थान (उदयपुर से 48 किमी)
History
Architecture
Best time
Timings
Darshan
How to reach
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राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी हवेली की विस्तृत मार्गदर्शिका। 8 दैनिक झांकियों का समय, पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति, पिछवाई कला और दर्शन नियम जानें।
Frequently asked questions
श्रीनाथजी की 8 दैनिक झांकियां कौन-सी हैं?
मंगला (प्रातः जागरण), श्रृंगार, ग्वाल (गौचारण), राजभोग (मुख्य भोग), उत्थापन (दोपहर जागरण), भोग (संध्या अल्पाहार), संध्या आरती और शयन (रात्रि विश्राम)।
नाथद्वारा की प्रसिद्ध पिछवाई कला क्या है?
पिछवाई हस्तनिर्मित कपड़ा चित्रकला है, जिसमें भगवान श्रीनाथजी की विभिन्न लीलाओं का जीवंत चित्रण होता है। इसका उपयोग प्रभु के पीछे पृष्ठपट के रूप में किया जाता है।
