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पुष्टिमार्ग कृष्ण मंदिर8 min read

श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा: 8 पावन झांकियां, हवेली परंपरा और दर्शन विधि

राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी हवेली की विस्तृत मार्गदर्शिका। 8 दैनिक झांकियों का समय, पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति, पिछवाई कला और दर्शन नियम जानें।

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वैदिक तीर्थ यात्रा संपादकीय दल

Writer & Research Team

Updated: 2026-08-08

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पुष्टिमार्ग कृष्ण मंदिर

राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित श्रीनाथजी मंदिर पुष्टिमार्ग संप्रदाय का प्रधान पीठ है। यहां 7 वर्ष के बालकृष्ण गोवर्धन पर्वत को बाएं हाथ की कनिष्ठिका उंगली पर उठाए हुए स्वरूप में विराजते हैं। पुष्टिमार्ग में इसे मंदिर के बजाय 'हवेली' कहा जाता है, जहां लाडले बाल रूप की सेवा 8 दैनिक झांकियों के रूप में अत्यंत लाड़-प्यार से की जाती है।

Sacred Heritage

Timeless Temple Tradition

Architectural Wonder

Ancient Vedic Mastery

Scriptural Origin

Puranic & Epic History

Spiritual Sadhana

Living Faith & Wisdom

Deity
श्रीनाथजी (गोवर्धन नाथ जी)
Location
नाथद्वारा, राजसमंद जिला, राजस्थान (उदयपुर से 48 किमी)

History

मूल रूप से यह विग्रह ब्रज के गोवर्धन पर्वत पर महाप्रभु वल्लभाचार्य द्वारा प्रतिष्ठित किया गया था। 1669 ई. में औरंगजेब के आक्रमणों से रक्षा हेतु जब विग्रह को मेवाड़ लाया जा रहा था, तब सिहाड़ गांव में रथ का पहिया रुक गया। महाराणा राजसिंह के संरक्षण में यहां भव्य हवेली का निर्माण हुआ।

Architecture

पारंपरिक राजस्थानी हवेली स्थापत्य, जिसमें कमल चौक, मोती महल और रतन चौक जैसे खुले आंगन हैं। शिखर के स्थान पर हवेली की छत पर 7 ध्वजाएं और सुदर्शन चक्र स्थापित है।

Best time

अक्टूबर से मार्च का मौसम उत्तम रहता है। दीपोत्सव के बाद 'अन्नकूट महोत्सव' पर यहां का दृश्य आलौकिक होता है।

Timings

प्रत्येक झांकी 30 से 45 मिनट के लिए खुलती है। मौसम और भोग अनुसार समय में प्रतिदिन थोड़ा बदलाव होता है, जिसकी सूचना कमल चौक पर अंकित की जाती है।

Darshan

राजभोग और मंगला दर्शन में भारी भीड़ रहती है। महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक पंक्तियां होती हैं। पारंपरिक वस्त्र पहनें।

How to reach

निकटतम हवाई अड्डा महाराणा प्रताप एयरपोर्ट उदयपुर (60 किमी) है। उदयपुर रेलवे स्टेशन से नाथद्वारा के लिए चौबीसों घंटे टैक्सियां व बसें उपलब्ध हैं।

Nearby

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  • द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली
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Why this matters today

राजस्थान के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी हवेली की विस्तृत मार्गदर्शिका। 8 दैनिक झांकियों का समय, पुष्टिमार्गीय सेवा पद्धति, पिछवाई कला और दर्शन नियम जानें।

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Frequently asked questions

श्रीनाथजी की 8 दैनिक झांकियां कौन-सी हैं?

मंगला (प्रातः जागरण), श्रृंगार, ग्वाल (गौचारण), राजभोग (मुख्य भोग), उत्थापन (दोपहर जागरण), भोग (संध्या अल्पाहार), संध्या आरती और शयन (रात्रि विश्राम)।

नाथद्वारा की प्रसिद्ध पिछवाई कला क्या है?

पिछवाई हस्तनिर्मित कपड़ा चित्रकला है, जिसमें भगवान श्रीनाथजी की विभिन्न लीलाओं का जीवंत चित्रण होता है। इसका उपयोग प्रभु के पीछे पृष्ठपट के रूप में किया जाता है।