द्वारकाधीश जगत मंदिर: वास्तुकला, इतिहास, ध्वजारोहण और दर्शन गाइड
गुजरात के पवित्र चार धाम तीर्थ द्वारकाधीश जगत मंदिर के दर्शन की संपूर्ण जानकारी। 52 गज ध्वजारोहण, आरती समय, गोमती संगम और यात्रा टिप्स जानें।
वैदिक तीर्थ यात्रा संपादकीय दल
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गुजरात के सौराष्ट्र तट पर गोमती नदी और अरब सागर के संगम पर स्थित द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) सनातन धर्म के पवित्र चार धामों में से एक है। यहां भगवान श्रीकृष्ण 'द्वारका के राजा' के रूप में पूजे जाते हैं। 72 स्तंभों पर टिका 5 मंजिला गर्भगृह और 52 गज की लहराती दिव्य ध्वजा इस पावन स्थल की पहचान है।
Sacred Heritage
Timeless Temple Tradition
Architectural Wonder
Ancient Vedic Mastery
Scriptural Origin
Puranic & Epic History
Spiritual Sadhana
Living Faith & Wisdom
- Deity
- भगवान श्रीकृष्ण (द्वारकाधीश)
- Location
- द्वारका, देवभूमि द्वारका जिला, गुजरात
History
Architecture
Best time
Timings
Darshan
How to reach
Nearby
- गोमती घाट एवं संगम
- रुक्मिणी देवी मंदिर
- बेट द्वारका
- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
- सुदामा सेतु
Why this matters today
गुजरात के पवित्र चार धाम तीर्थ द्वारकाधीश जगत मंदिर के दर्शन की संपूर्ण जानकारी। 52 गज ध्वजारोहण, आरती समय, गोमती संगम और यात्रा टिप्स जानें।
Frequently asked questions
द्वारकाधीश मंदिर पर 52 गज की ध्वजा का क्या महत्व है?
दिन में 5 बार बदली जाने वाली 52 गज की ध्वजा प्राचीन द्वारका नगरी के 52 द्वारों और समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियों का प्रतीक है। इस ध्वजा पर सूर्य और चंद्रमा का अंकन होता है।
क्या मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाने की अनुमति है?
नहीं, मंदिर के मुख्य परिसर में मोबाइल, कैमरा और चमड़े की वस्तुएं ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित है; इन्हें लॉकर काउंटर पर जमा कराना होता है।
