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कृष्ण भजन8 min read

अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम भजन

पढ़ें सम्पूर्ण 'अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम' भजन हिंदी में। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और प्रेम से भरा यह मधुर भजन मन को असीम शांति प्रदान करता है।

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वैदिक भक्ति टीम

Writer & Research Team

Updated: 2024-05-15
मुरली बजाते हुए भगवान श्री कृष्ण - अच्युतम केशवम् भजन
कृष्ण भजन

अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम सबसे लोकप्रिय और हृदय को छू लेने वाले भजनों में से एक है। यह भजन हमें सच्ची भक्ति का मार्ग दिखाता है और याद दिलाता है कि यदि मीरा बाई, माता शबरी, माँ यशोदा और गोपियों जैसी सच्ची श्रद्धा हो, तो भगवान अवश्य हमारी पुकार सुनते हैं।

Sacred Heritage

Timeless Temple Tradition

Architectural Wonder

Ancient Vedic Mastery

Scriptural Origin

Puranic & Epic History

Spiritual Sadhana

Living Faith & Wisdom

अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम (हिंदी लिरिक्स)

अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणं जानकी वल्लभम॥ कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं। अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम… कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं। अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम… कौन कहता है भगवान सोते नहीं, मां यशोदा के जैसे सुलाते नहीं। अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम… कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं। अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम… नाम जपते चलो काम करते चलो, हर समय कृष्ण का ध्यान धरते चलो। अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम…

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पढ़ें सम्पूर्ण 'अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम' भजन हिंदी में। भगवान श्री कृष्ण की भक्ति और प्रेम से भरा यह मधुर भजन मन को असीम शांति प्रदान करता है।

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Frequently asked questions

'अच्युतम केशवम् कृष्ण दामोदरम' का क्या अर्थ है?

'अच्युत' का अर्थ है जो कभी नष्ट या च्युत नहीं होता, 'केशव' का अर्थ है सुंदर बालों वाले (या केशी राक्षस का वध करने वाले), और 'दामोदर' का अर्थ है जिनके पेट पर माता यशोदा ने रस्सी बांधी थी। यह भगवान विष्णु और कृष्ण के दिव्य नामों का स्मरण है।

अच्युतम केशवम् भजन में किन महान भक्तों का उल्लेख है?

इस भजन में चार महान भक्तों की सच्ची श्रद्धा का वर्णन है: मीरा बाई (जिन्होंने प्रेम से पुकारा), माता शबरी (जिन्होंने जूठे बेर खिलाए), माता यशोदा (जिन्होंने वात्सल्य से सुलाया), और वृंदावन की गोपियाँ (जिन्होंने प्रेम से भगवान को नचाया)।

यह कृष्ण भजन गाने या सुनने का सबसे सही समय क्या है?

भगवान की भक्ति का कोई एक समय नहीं होता, लेकिन सुबह की पूजा, संध्या वंदन, एकादशी या श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस भजन को गाने से असीम मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

'कौन कहता है भगवान आते नहीं' पंक्ति का क्या आशय है?

इस पंक्ति का आशय यह है कि भगवान हमेशा अपने भक्तों के पास आते हैं, कमी केवल हमारी पुकार में होती है। यदि हम मीरा बाई की तरह निस्वार्थ प्रेम और सच्ची श्रद्धा से पुकारें, तो प्रभु अवश्य दर्शन देते हैं।

प्रतिदिन अच्युतम केशवम् गाने के क्या लाभ हैं?

इस भजन के नियमित गायन से मानसिक तनाव दूर होता है, मन शांत रहता है और भगवान के प्रति भक्ति भाव बढ़ता है। यह घर में सकारात्मकता लाता है और जीवन के हर कार्य में भगवान का ध्यान बनाए रखने में मदद करता है।

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